सुशांत की मौत और बॉलीवुड का कड़वा सच: धुआं धुआं सी ज़िंदगी

अतुल गंगवार बता रहे हैं कि किस प्रकार सुशांत सिंह राजपूत की मौत ने बॉलीवुड के चमकदार चेहरे के पीछे छुपी कालिमा को उजागर कर दिया है।मीडिया दो भागों में बंट गया है।खबर प्रस्तुत करने की जगह, एजेंडा प्रस्तुत किए जा रहे हैं-

कभी सामान्य सी आत्महत्या लगने वाली ये मौत अपने पीछे ना जाने कितने राज़ छोड़ गयी है। तमाम अटकलों का बाज़ार गर्म है। महाराष्ट्र पुलिस ने बरसों की मेहनत से अपनी छवि बनाई थी उस पर दाग लग गया है। आम जनता का भरोसा वह खो चुकी है। राज्य सरकार ने जिस तरह से इस मामले में रुख अपनाया है उसने राजनेता-पुलिस के गठजोड़ को लोगों के सामने ला दिया है। मीडिया दो भागों में बंट गया है। खबर प्रस्तुत करने की जगह, एजेंडा प्रस्तुत किए जा रहे हैं। बॉलीवुड भी इस मामले में बंटा हुआ दिखाई दे रहा है। पूरा नेरेटिव सुशांत के पक्ष और विपक्ष में खड़ा है। रिया चक्रवर्ती को कानून से पहले समाज ने ही सजा दे दी है। प्याज की तरह परत दर परत इस मामले में नित नए खुलासे हो रहे हैं। एक नया खुलासा है ड्रग्स एंगल। ड्रग्स यानि नशे का जाल। कंगना रनाउत ने बॉलीवुड पर नशे का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। कहा जा रहा है कि रिया ने नशे की गोलियां देकर सुशांत की मानसिक हालत बिगाड़ दी। रिया का भाई शौविक चक्रवर्ती और स्वयं रिया ड्रग्स के मामले में गिरफ्तार कर लिए गए हैं। रिया ने सुशांत पर भी ये आरोप लगाया है कि सुशांत ड्रग्स लेते थे और वह उनके लिए ड्रग्स का इंतज़ाम करती थी। इंडस्ट्री की ये गंदगी देखने के बाद अगर किसी का नशा टूटा है तो वह जनता है। वह ये जानकर हैरान परेशान है कि जिन लोगों को वह अपना नायक मानती थी उनकी दुनिया का काला सच ऐसा है। जांच एजेंसी अपना काम कर रही है, सच क्या है जल्द ही सामने आयेगा लेकिन नशे ओर फिल्म इंडस्ट्री का साथ कोई नया नहीं है। सफलता के साथ नशे का साथ हमेशा रहा है।

वक्त के साथ नशे का स्वरूप बदला है। लेकिन नशा नहीं। बॉलीवुड इंडस्ट्री में कुछ कहानियां ऐसी हैं जिनके बारे में लोग जानते हैं, बहुत सी कहानियां बिना किसी नाम के खो गई। शायद सफलता ना पचा पाने की ये कीमत थी जिसे कुछ लोगों ने चुकाया। प्रसिद्ध गायक-अभिनेता के.एल. सहगल एक ऐसी ही शख्सियत थे जिन्हें लगता था कि वह तभी अच्छा गा पाते हैं जब वह शराब पीकर गाते हैं। इसी चाहत ने उन्हें शराब का ग़ुलाम बना दिया और वक्त से पहले ही उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। इस शराब ने कई घर उजाड़े हैं।

प्रसिद्ध अभिनेता गुरूदत्त ने अपनी निजी ज़िंदगी की असफलताओं को शराब में डुबो कर भुलाने का असफल प्रयास किया। एक कामयाब निर्देशक-अभिनेता जिसकी प्रतिभा पर देश को नाज़ था अपनी हताशा में एक दिन नींद की गोलियां खा कर आत्महत्या कर लेता है। ये फेहरिस्त यहीं नहीं खत्म होती, अभिनेता मोतीलाल के पतन का कारण भी शराब ही थी।

इस नशे का शिकार केवल अभिनेता ही हुए हों ऐसा नहीं है। प्रसिद्ध अभिनेत्री मीना कुमारी का उदाहरण हमारे सामने हैं, जो शराब की लत का इस तरह से शिकार हुई की कम उम्र में ही उन्होंने दुनिया से विदा ले ली। अभिनेत्री विम्मी फिल्म इंडस्ट्री में धमाके के साथ आई थी। लेकिन जल्द ही अपनी नाकामियों का साथी उन्होंने शराब को बनाया और एक दिन लावारिस लाश बन कर उनकी मौत हुई।

वक्त के साथ चेहरे बदले लेकिन सफलता को संभालने का तरीका नहीं। बॉलीवुड में शराब की पार्टियों का चलन पुराना है। शराब के नशे में दूसरे नशे वक्त के साथ घुसे और बॉलीवुड की पार्टियों का हिस्सा बन गए। सफलता के साथ, सफलता को छोड़ जाने के डर ने कलाकारों को नशे में डूबो दिया। ऐसा नहीं की सारा बॉलीवुड इस नशे का शिकार था या है। लेकिन ये भी सच है नशा बॉलीवुड में केंसर की तरह फैला हुआ है।

प्रसिद्ध अभिनेता, बॉलीवुड के पहले सुपरस्टार राजेश खन्ना ने एक बार बताया था। जब उनकी फिल्में फ्लॉप होने लगी थी तो वह अपने जीवन से निराश हो गए थे। इस निराशा में एक दिन वह शराब पीकर आत्महत्या करने अपने घर की छत पर पहुंच गए थे। लेकिन उनकी किस्मत अच्छी थी इस विचार ने जल्द ही उनका साथ छोड़ दिया और एक नाकाम हीरो के तौर पर वह नहीं जाने जाते।

अभिनेत्री परवीन बॉबी भी नशे की आदत के चलते डिप्रेशन का शिकार हुई। उनका मानसिक संतुलन बिगड़ गया और अर्से तक फिल्म इंडस्ट्री से गायब रहने के बाद वह लौटी, गुमनामी में जीवन जिया और एक दिन मर गईं। लाखों दिलों की धड़कन परवीन  बॉबी की मौत का पता भी तीन दिन बाद चला ।

आज सुशांत सिंह राजपूत प्रकरण में रिया चक्रवर्ती के साथ अपने रिश्तों को लेकर विवादों में घिरे महेश भट्ट भी एक वक्त नशे की गिरफ्त में थे। उनकी बेटी पूजा भट्ट भी नशे की लत का शिकार थीं।

बदलते वक्त में शराब के साथ ड्रग्स लेने की कहानियां सामने आने लगीं। प्रसिद्ध अभिनेता संजय दत्त अपनी युवा अवस्था में इस नशे का शिकार हुए। बहुत मुश्किल से उन्हें इस नशे से छुटकारा मिला। अभिनेता फिरोज़ ख़ान के बेटे फरदीन खान का पूरा करियर कोकीन की भेंट चढ़ गया। रणबीर कपूर, रणबीर सिंह के बारे में ये आरोप लगाए जाते हैं कि वह नशे का सहारा लेते हैं।

फिल्म अभिनेत्री दिव्या भारती की मौत की वजह नशा बताई जाती है। जवां दिलों की धड़कन मनीषा कोइराला का करियर भी नशे की भेंट चढ़ गया। अभिनेता शाहरुख खान की पत्नी गौरी खान ड्रग्स के साथ पकड़ी जा चुकीं हैं। ममता कुलकर्णी का संबंध ड्रग स्मग्लर के साथ हुआ। अपना चमकता करियर छोड़कर उन्होंने उसके साथ ही घर बसा लिया।

प्रसिद्ध पॉप सिंगर हनी सिंह अपने गीतों की तरह ही नशे में डूब गये, बड़ी मुश्किल से वो इससे बाहर आयें हैं लेकिन उनका शानदार करियर खत्म हो गया है। राजनेता स्व. प्रमोद महाजन के बेटे राहुल महाजन की जान नशे की ओवर डोज़ से जाते जाते बची। अभिनेता विजय राज, प्रसिद्ध कॉमेडियन कपिल ने भी नशे की बहुत कीमत चुकाई है।

बहुत से नाम है । सिनेमा की ये गंदगी आज बाहर आ रही है। कितने लोग बेपर्दा होते हैं कितने पर्दे में ही रह कर बच जाते हैं यह तो वक्त ही बतायेगा। लेकिन वह लोग जो अपना करियर फिल्म इंडस्ट्री में बनाना चाहते हैं उनके लिए इन हालात से कुछ सीखने का अवसर है। ये मौका है सीखने का उन मां बाप के लिए भी जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपने बच्चों को दबाव में डाल देते हैं। सच तो ये है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। यही जीवन का सत्य है। चुनौतियों से लड़ने के लिए जोश के साथ होश की ज़रूरत है। तो मुंबई जाइये। अपने सपनों को पूरा करें लेकिन नशे से बचें। अपनी ज़िंदगी को धुआं धुआं होने से बचाइये।

सुशांत की मौत का सच क्या है? क्या कभी इसका पता चल पायेगा कि उनके साथ क्या हुआ था। ये तो वक्त ही बतायेगा। लेकिन इससे सबक सीखने का समय है। उम्मीद है बॉलीवुड के कलाकार, निर्माता, निर्दशक और तमाम क्राफ्ट को लोग भी सीखेंगे। नशे के अंधेरे से बाहर आकर एक बार फिर वह अपने प्रशंसकों की कसौटी पर खरा उतरेंगे और उनके प्रशंसक भी रील और रियल लाइफ में अंतर करके अपने नायकों को चुनेंगे।

(लेखक बॉलीवुड में प्रतिष्ठित पटकथा लेखक व वरिष्ठ पत्रकार हैं,ये लेखक के निजी विचार हैं। )

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